कांग्रेस नेता और प्रॉपर्टी डीलर सिध्दांशु मिश्रा फर्जीवाड़े में गिरफ्तार, जेल भेजा गया

कांग्रेस नेता और प्रॉपर्टी डीलर सिध्दांशु मिश्रा फर्जीवाड़े में गिरफ्तार, जेल भेजा गया

बिलासपुर, 10 मार्च 2025कांग्रेस नेता और प्रॉपर्टी डीलर सिध्दांशु मिश्रा को भूमि फर्जीवाड़े के मामले में सरकंडा पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश पर आरोपी को केन्द्रीय जेल बिलासपुर भेज दिया गया। इस घटना ने राजनीतिक जगत में हड़कंप मचा दिया है और जनता के बीच राजनेताओं की विश्वसनीयता पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं

क्या है पूरा मामला?

  • वर्ष 2010-11 में खसरा नंबर 424 की भूमि का फर्जी 22 बिंदु प्रतिवेदन बनवाकर खसरा नंबर 409 पर कब्जा दिलाने का मामला सामने आया था।
  • इस जमीन का सौदा करने के लिए कांग्रेस नेता सिध्दांशु मिश्रा ने सोनिया बाई वगैरह से मुख्तियारनामा लिया था, जबकि यह भूमि पहले ही बेची जा चुकी थी।
  • आरोपी ने हल्का पटवारी चंदराम बंजारे और कमल किशोर कौशिक से मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर खसरा नंबर 409 (जो असल में गेंदराम गुप्ता की भूमि थी) पर कब्जा दिलाया।
  • इस मामले में न्यायालय के आदेश पर थाना सरकंडा में अपराध क्रमांक 574/2016 दर्ज किया गया था।
  • पुलिस जांच में आरोपीगण के विरुद्ध स्पष्ट सबूत मिलने के बाद सिध्दांशु मिश्रा को गिरफ्तार किया गया, जबकि पटवारी चंदराम बंजारे और कमल किशोर कौशिक की तलाश जारी है।

जनता के सेवक बनकर जनता से ही विश्वासघात!

राजनीति का उद्देश्य जनसेवा और विकास कार्यों में पारदर्शिता लाना होता है, लेकिन जब एक राजनीतिक नेता ही अवैध कार्यों और भ्रष्टाचार में लिप्त हो जाए, तो जनता का राजनीतिक दलों और उनके प्रतिनिधियों से विश्वास उठ जाता है

सिध्दांशु मिश्रा कांग्रेस के सक्रिय नेता होने के साथ प्रॉपर्टी डीलिंग के धंधे में भी शामिल थे, लेकिन राजनीतिक पद की गरिमा का पालन करने के बजाय उन्होंने निजी स्वार्थ और आर्थिक लाभ के लिए जनता के विश्वास को ठेस पहुंचाई। इस तरह के कार्यों से न केवल पार्टी की छवि खराब होती है बल्कि जनता का जनादेश भी प्रभावित होता है

क्या कहते हैं राजनीतिक विश्लेषक?

विशेषज्ञों का मानना है कि जनता अब जागरूक हो चुकी है और भ्रष्टाचार व अपराध में लिप्त नेताओं को चुनाव में करारा जवाब देती है। ऐसे मामलों से राजनीतिक दलों की छवि धूमिल होती है, जिससे पार्टी को चुनावों में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है

पुलिस की सख्त कार्रवाई

पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर न्यायालय में लंबित मामलों की समीक्षा की गई, जिसमें यह मामला दोबारा खोला गया। नगर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बघेल ने मामले की विस्तृत जांच की, जिससे आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिले।

फर्जीवाड़े में शामिल अन्य आरोपी फरार

इस पूरे मामले में आरोपी पटवारी चंदराम बंजारे और कमल किशोर कौशिक की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है।

क्या कहते हैं कानून विशेषज्ञ?

इस तरह के मामलों में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाती है। आरोपी पर धारा 167, 420, 465, 467, 468, 471, 474, 120(बी) भादवि और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(क)(ख), 13(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

अगला कदम क्या?

पुलिस अब फरार पटवारियों की तलाश में जुटी है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार किया जा सकता है।

जनता से अपील

ऐसे मामलों से सबक लेते हुए जनता को चाहिए कि वह चुनाव के समय सही और ईमानदार नेताओं का चयन करे, ताकि भ्रष्टाचार पर लगाम लग सके और जनता का हक सुरक्षित रहे

About The Author

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *