छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र के सात जिलों को राष्ट्रीय बागवानी मिशन में शामिल किया गया है, जिससे लाखों किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। भाजपा नेता और केंद्रीय कृषि मंत्रालय में सामान्य परिषद के पूर्व सदस्य मितुल कोठारी की पहल के परिणामस्वरूप, दंतेवाड़ा, सुकमा, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, महासमुंद और जांजगीर के कृषक अब इस योजना का लाभ उठा सकेंगे।
मितुल कोठारी ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य में वर्ष 2014 से एकीकृत राष्ट्रीय बागवानी मिशन की योजनाएं चल रही हैं, लेकिन पहले इन सात जिलों के कृषक इस योजना के लाभ से वंचित रह गए थे। उन्होंने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर इन जिलों को योजना में सम्मिलित करने का आग्रह किया था और तत्कालीन कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात की थी। इस मुलाकात में मंत्री ने आश्वासन दिया था कि सभी जिलों को मिशन की योजना में जोड़ा जाएगा।
कृषि वैज्ञानिक मितुल कोठारी ने कहा कि इस वर्ष के बजट हेतु कृषि मंत्रालय ने उद्यानिकी विभाग से प्रदेश के सभी जिलों के लिए योजनांतर्गत बजट की मांग की है। उम्मीद है कि वर्ष 2025-26 तक सभी जिलों को उद्यानिकी विभाग की योजनाओं का लाभ मिलेगा। पहले इन जिलों में उद्यानिकी के कृषकों को राष्ट्रीय कृषि विकास योजना से सीमित बजट के तहत सहायता मिलती थी, जिससे सभी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता था। अब इस नई पहल से इन सात जिलों में उद्यानिकी के विकास में तेजी आएगी और सरकार की उद्यमिता योजनाओं का लाभ भी किसानों को मिल सकेगा।
मितुल कोठारी ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार जताया है और उम्मीद जताई है कि राज्य के उद्यानिकी बजट में भी बढ़ोतरी होने की पूरी संभावना है। इसमें “एक जिला, एक फसल” योजना का विस्तार हो सकता है, जिससे उद्यानिकी के रकबे में भी बढ़ोतरी हो सकेगी।
इस पहल से न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। किसानों को नई तकनीकों और संसाधनों का उपयोग करने का अवसर मिलेगा, जिससे वे अपनी फसल उत्पादन क्षमता को बढ़ा सकेंगे।

