📍 बिलासपुर, छत्तीसगढ़ | 31 जनवरी 2025
बिलासपुर जिले की तीन प्रमुख धान खरीदी मंडियों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है। तखतपुर ब्लॉक के सेवा सहकारी समिति मार्य कुआं, सेवा सहकारी समिति मार्य केकती, और सेवा सहकारी समिति मार्य नगोई में किसानों के साथ धांधली की जा रही है।
इन तीनों मंडियों के प्रबंधक निरंजन लाल कौशिक पर आरोप है कि वह वर्षों से पदस्थ रहकर अपनी मनमानी चला रहे हैं और किसानों के हक पर डाका डाल रहे हैं।
कैसे हो रहा है किसानों का शोषण?
🛑 धान तौल में गड़बड़ी – हर बोरी से आधा से 1 किलो धान अधिक लिया जाता है।
🛑 गिरा हुआ धान इकट्ठा कर बेचना – तौल के दौरान प्रत्येक बोरी से 1 किलो धान जानबूझकर गिराया जाता है, जिसे बाद में ऊंचे दाम पर बेचा जाता है।
🛑 लाखों के बजट का गबन – मंडी समतलीकरण, तिरपाल, कांटा तार, रस्सी-सुतली, बाउंड्री वॉल आदि के लिए सरकार से लाखों का बजट आता है, लेकिन इसका सही उपयोग नहीं किया जाता।
सबूत मिटाने में जुटे प्रबंधक
जब इस घोटाले का वीडियो बनाया गया, तो प्रबंधक निरंजन लाल कौशिक ने तुरंत सबूत मिटाने की कोशिश की। वहीं, जब उनसे सरकारी बजट और खर्च की जानकारी मांगी गई, तो उन्होंने जवाब देने से इनकार कर दिया।
क्या होगी कार्रवाई?
धान खरीदी मंडियों में भ्रष्टाचार की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई मंडियों में किसानों से रिश्वत लेने और धान रिजेक्ट करने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
अब देखने वाली बात यह होगी कि निरंजन लाल कौशिक के खिलाफ निष्पक्ष जांच होगी या मामला दबा दिया जाएगा?
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