रायपुर मेयर के बेटे का सड़क पर जन्मदिन जश्न: विवाद और कार्रवाई

रायपुर मेयर के बेटे का सड़क पर जन्मदिन जश्न: विवाद और कार्रवाई

रायपुर की नवनिर्वाचित मेयर मीनल चौबे के बेटे मेहुल चौबे का 27 फरवरी की देर रात सड़क पर जन्मदिन मनाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। इस वीडियो में मेहुल अपने दोस्तों के साथ चंगोरा भाटा इलाके में सड़क पर केक काटते और आतिशबाजी करते नजर आ रहे हैं।

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मेयर मीनल चौबे की प्रतिक्रिया

वीडियो वायरल होने के बाद मेयर मीनल चौबे ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने कहा, “मेरे बेटे का बर्थडे था, उसने सड़क पर केक काटा है। मैंने आज सुबह ही खबर पढ़ी कि हाईकोर्ट ने सड़कों पर केक काटने से मना किया है। इसलिये जो भी हुआ वो गलत हुआ है। बेटे को भी समझाइश दी गई है कि अब से रोड पर केक नहीं काटना है।”

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पुलिस और प्रशासन की सख्ती

मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने हाल ही में सार्वजनिक सड़कों पर इस तरह के आयोजनों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा था कि सड़क जाम करने पर एंटी-एन्क्रोचमेंट एक्ट, मोटर व्हीकल एक्ट, नगर पालिका अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार, इस तरह के कृत्य में गिरफ्तारी के साथ एक माह की सजा और 5 हजार रुपए का जुर्माना हो सकता है।

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राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

पूर्व कांग्रेस विधायक विकास उपाध्याय ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “पुलिस और प्रशासन इस तरह के कृत्य पर कार्रवाई करती रही है। पिछले दिनों यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष का जन्मदिन मनाते हुए उपाध्यक्ष समेत 10 यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता जेल गए थे। निश्चित तौर पर उनका कृत्य भी गलत था। राजा हो या रंक नियम सबके लिए बराबर होते हैं।”

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मुख्य सचिव के निर्देश

मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने हाल ही में सार्वजनिक सड़कों पर इस तरह के आयोजनों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा था कि सड़क जाम करने पर एंटी-एन्क्रोचमेंट एक्ट, मोटर व्हीकल एक्ट, नगर पालिका अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार, इस तरह के कृत्य में गिरफ्तारी के साथ एक माह की सजा और 5 हजार रुपए का जुर्माना हो सकता है।

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भूपेश बघेल की प्रतिक्रिया

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस घटना पर ट्वीट किया, “कानून सबके लिए समान है। सार्वजनिक सड़कों पर इस तरह के आयोजनों से बचना चाहिए। प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।”

निष्कर्ष

यह घटना सार्वजनिक सड़कों पर निजी आयोजनों के संबंध में कानून के पालन की आवश्यकता को रेखांकित करती है। प्रशासन ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया है, जो भविष्य में ऐसे कृत्यों को रोकने में सहायक होगा।

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