रेत माफियाओं का आतंक: पेट्रोलिंग पर निकले आरक्षक की निर्मम हत्या से मचा हड़कंप

रेत माफियाओं का आतंक: पेट्रोलिंग पर निकले आरक्षक की निर्मम हत्या से मचा हड़कंप

स्थान: बलरामपुर, छत्तीसगढ़
दिनांक: 13 मई 2025

मुख्य समाचार:
छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा पर रेत माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब वे कानून के रक्षकों पर भी हमला करने से नहीं डर रहे। बलरामपुर जिले के सनावल थाना क्षेत्र अंतर्गत लिब्रा गांव में पेट्रोलिंग पर निकली पुलिस टीम पर रेत माफियाओं ने जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में एक आरक्षक की दर्दनाक मौत हो गई, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।

घटना का विवरण:
झारखंड से सटे लिब्रा गांव में अवैध रेत खनन की सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। तभी घात लगाकर बैठे रेत माफियाओं ने हमला बोल दिया। हमले में एक आरक्षक की मौके पर ही मौत हो गई। इस वीभत्स घटना के बाद ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश है।

ग्रामीणों की नाराजगी:
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि कन्हर नदी के किनारे वर्षों से अवैध खनन हो रहा है। उन्होंने कई बार प्रशासन से शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब जब पुलिसकर्मी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।

राजनीतिक और प्रशासनिक प्रतिक्रिया:
यह इलाका प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम का गृहग्राम है, लेकिन इसके बावजूद माफियाओं की दबंगई थमने का नाम नहीं ले रही। आक्रोशित ग्रामीणों ने मंत्री से तत्काल प्रभाव से सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।

जिला पंचायत सदस्य के आरोप:
जिला पंचायत सदस्य ने पुलिस और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कई अधिकारी खुद इस अवैध कारोबार से लाभ उठा रहे हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती, तो यह घटना टाली जा सकती थी।

प्रशासन की कार्रवाई:
घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर, एसपी और डीएफओ सहित कई उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे। एसपी ने बताया कि एक संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया गया है और बाकी आरोपियों की तलाश तेज़ कर दी गई है।

निष्कर्ष:
यह घटना ना सिर्फ एक आरक्षक की जान लेने वाली निर्मम घटना है, बल्कि यह प्रदेश भर में रेत माफियाओं और प्रशासनिक तंत्र के गठजोड़ पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। अब देखना होगा कि शासन-प्रशासन इस पर कितनी सख्ती से कार्रवाई करता है।

About The Author

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *