📍 रायपुर – छत्तीसगढ़ विधानसभा में विधायक भावना बोहरा ने डिजिटल मीडिया को सरकारी विज्ञापन से वंचित रखने पर कड़ा सवाल उठाया। उन्होंने सरकार से पूछा –
❝ जब डिजिटल मीडिया की पहुंच और प्रभाव लगातार बढ़ रहा है, तो उसे सरकारी विज्ञापन नीति में उचित स्थान क्यों नहीं दिया जा रहा? ❞
🔎 RTI ने खोला बड़ा राज़!
“मिडिया सम्मान परिवार” द्वारा प्राप्त RTI रिपोर्ट से खुलासा हुआ कि पूर्ववर्ती सरकार ने करोड़ों रुपये के सरकारी विज्ञापन सिर्फ कुछ चुनिंदा बड़े मीडिया संस्थानों को दिए। दुर्भाग्य से, यह प्रवृत्ति वर्तमान सरकार में भी जारी है, जिससे वेब न्यूज पोर्टल और यूट्यूब चैनल संचालकों को लगातार अनदेखा किया जा रहा है।
📢 विधायक बोहरा की पहल लाई असर!
भावना बोहरा की सशक्त आवाज़ का असर बजट सत्र 2024-25 में साफ देखा गया। सरकार ने इस मुद्दे पर विचार करते हुए विज्ञापन खर्च में संतुलन लाने का संकेत दिया, जिससे डिजिटल मीडिया को भी न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
🙏 ‘मिडिया सम्मान परिवार’ और B4Festival ने जताया आभार!

“मिडिया सम्मान परिवार” ने विधायक भावना बोहरा की इस ऐतिहासिक पहल के लिए उन्हें ‘उत्कृष्ट विधायक’ के रूप में सम्मानित करने की घोषणा की। संगठन ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा –
❝ विधायक भावना बोहरा ने डिजिटल मीडिया के हक़ में जो ऐतिहासिक कदम उठाया है, वह सराहनीय है। इससे वेब न्यूज पोर्टल और यूट्यूब चैनलों के लिए नई आशा जगी है। हम उनके इस प्रयास के लिए आभार व्यक्त करते हैं और उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं। ❞
डिजिटल मीडिया को न्याय दिलाने की इस मुहिम में B4Festival भी एक सक्रिय सदस्य के रूप में आगे आया और विधायक भावना बोहरा को समर्थन देते हुए कहा –
❝ डिजिटल मीडिया की उपेक्षा अब और बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार को निष्पक्ष विज्ञापन नीति अपनानी होगी, ताकि सभी प्लेटफॉर्म्स को समान अवसर मिले। हम विधायक भावना बोहरा के इस प्रयास के लिए हृदय से आभार व्यक्त करते हैं और हर कदम पर इस मुहिम का समर्थन करेंगे। ❞

अब सभी की निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। क्या डिजिटल मीडिया को सरकारी विज्ञापन नीति में वास्तविक हक मिलेगा? या फिर यह लड़ाई अभी और आगे बढ़ेगी?

