बिलासपुर, 18 जनवरी 2025
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षी स्वामित्व योजना के तहत आज कोरबा जिले के हितग्राहियों को स्वामित्व कार्ड (प्रॉपर्टी कार्ड) वितरित किए गए। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव ने लाभार्थियों को प्रमाण पत्र सौंपे।

प्रधानमंत्री का संबोधन
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कार्यक्रम के दौरान वर्चुअल संबोधन में कहा कि स्वामित्व योजना से ग्रामीणों को उनकी जमीन का मालिकाना हक मिलेगा, जिससे वे बैंक से ऋण लेने में सक्षम होंगे। उन्होंने योजना को आर्थिक सुरक्षा की गारंटी बताते हुए कहा कि इससे जमीन संबंधित विवाद खत्म होंगे। उन्होंने ग्राम स्वराज, उज्ज्वला योजना, शौचालय निर्माण, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास योजना और ग्रामीण सड़क योजना के जरिए गाँवों में आए बदलाव को भी रेखांकित किया।
उप मुख्यमंत्री ने की योजना की प्रशंसा
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि स्वामित्व योजना से जमीन संबंधी विवादों का स्थायी समाधान मिलेगा। अब ग्रामीण आबादी भूमि का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है, जिसमें नक्शा और स्वामित्व की पूरी जानकारी दर्ज होगी। ड्रोन के माध्यम से सर्वे कर इन दस्तावेजों को सुरक्षित और ऑनलाइन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में राजस्व रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण भी किया गया है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हो सकेगी।

9,000 से अधिक लाभार्थी होंगे लाभान्वित
कोरबा जिले के 137 गांवों के 9,000 से अधिक लोगों को इस योजना से लाभ मिलेगा। उप मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में स्वामित्व योजना के 125 हितग्राहियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए। इसके अलावा, जिला खनिज संस्थान न्यास मद के तहत पहाड़ी कोरवा समुदाय की दो युवतियों को अतिथि शिक्षक के रूप में नियुक्ति प्रमाण पत्र सौंपे।
विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति
कार्यक्रम को विधायक श्री प्रेमचंद पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिवकला कँवर ने भी संबोधित किया। कलेक्टर श्री अजीत वसंत, पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी, डीएफओ श्री अरविंद पीएम, निगमायुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय सहित कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

योजना का महत्व
स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीणों को कानूनी दस्तावेज मिलने से न केवल उनकी जमीन सुरक्षित होगी, बल्कि वे इसे वित्तीय साधन के रूप में उपयोग कर सकेंगे। यह योजना ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है।

