रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक बड़ा प्रशासनिक घोटाला सामने आया है। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने तेंदूपत्ता बोनस घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए भारतीय वन सेवा (IFS) के अधिकारी और पूर्व डीएफओ (डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर) अशोक पटेल को गिरफ्तार कर लिया है।
पूर्व में सुकमा जिले में पदस्थ रहे अशोक पटेल पर आरोप है कि उन्होंने तेंदूपत्ता संग्रहण में मजदूरों को दिए जाने वाले बोनस की राशि में करीब 6 करोड़ रुपये का गबन किया है। इस मामले में EOW ने पहले ही उनके कई ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसमें भारी मात्रा में दस्तावेज और डिजिटल सबूत मिले थे।
EOW की शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि घोटाले की राशि को कई अलग-अलग खातों और माध्यमों से ट्रांसफर किया गया। दस्तावेजों में छेड़छाड़ और फर्जी दस्तखत के भी सबूत मिले हैं।
राज्य सरकार ने पहले ही अशोक पटेल को निलंबित कर दिया था, लेकिन अब गिरफ्तारी के बाद इस मामले ने नया मोड़ ले लिया है। सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां अब इस घोटाले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही हैं।
EOW की टीम ने अशोक पटेल को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है, और उन्हें कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सके।
यह मामला न केवल प्रशासनिक प्रणाली की गंभीर खामी को उजागर करता है, बल्कि यह भी सवाल उठाता है कि गरीब मजदूरों के अधिकारों को किस तरह दबाया गया।
Posted inFeatured
6 करोड़ घोटाले में IFS अशोक पटेल गिरफ्तार

