📍 रायपुर, 31 जनवरी 2025
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नक्सलियों के बढ़ते आत्मसमर्पण पर सुरक्षाबलों की सराहना करते हुए कहा कि सरकार की नीति स्पष्ट है – “बोली का जवाब बोली से और गोली का जवाब गोली से”। उन्होंने कहा कि जो नक्सली समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उनके पुनर्वास और बेहतर जीवन के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
बस्तर में बढ़ रहा आत्मसमर्पण, नक्सलवाद अपने अंतिम दौर में
मुख्यमंत्री ने बताया कि आज कांकेर जिले में 7 इनामी नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जिन पर कुल 32 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इससे पहले:
✔ नारायणपुर जिले में 27 नक्सलियों ने हथियार डाले।
✔ सुकमा जिले में 52 लाख के इनामी 9 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक 941 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, 1,112 नक्सली गिरफ्तार हुए हैं और 265 नक्सलियों का सफाया किया गया है। यह सरकार की प्रभावी आत्मसमर्पण नीति और सुरक्षाबलों के सफल अभियानों का प्रत्यक्ष परिणाम है।
नक्सल प्रभावित इलाकों में तेजी से हो रहा विकास
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार नक्सल प्रभावित इलाकों में बुनियादी ढांचे के विकास और सरकारी योजनाओं के माध्यम से आम जनता तक सुविधाएं पहुंचा रही है।
✔ 15,000 प्रधानमंत्री आवास योजना के घर नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए स्वीकृत।
✔ घोर नक्सल प्रभावित गांवों में सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।
✔ आत्मसमर्पित नक्सलियों को रोजगार और पुनर्वास योजनाओं से जोड़ा जा रहा है।
“बस्तर में जल्द होगा अमन और शांति”
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि अब नक्सलवाद अंतिम सांसें गिन रहा है, और जल्द ही बस्तर में अमन, चैन और शांति का माहौल स्थापित होगा।

