📍 रायपुर | दिनांक – 04 जून 2025
छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक भर्ती को लेकर डीएड एवं डिप्लोमा अभ्यर्थियों का धैर्य अब टूटता नजर आ रहा है। रिक्त पदों पर नियुक्ति की छठवीं सूची जल्द जारी करने की मांग को लेकर आज बड़ी संख्या में अभ्यर्थी लोक शिक्षण संचालनालय (DPI), रायपुर में जुटे, और ऑफिस के बाहर शांतिपूर्वक धरने पर बैठ गए।
अभ्यर्थियों ने एलान किया है कि जब तक उन्हें स्पष्ट और सकारात्मक उत्तर नहीं मिलता, वे वहां से नहीं हटेंगे।
🧾 भर्ती प्रक्रिया में 2300 पद अब भी खाली, नियुक्ति के लिए समय सीमित
सहायक शिक्षक भर्ती के पंचम चरण में 2600 पदों पर काउंसलिंग हुई थी, लेकिन दस्तावेज सत्यापन के बाद केवल 1299 योग्य अभ्यर्थियों को ही नियुक्ति मिल पाई। बाकी 1316 पद अब तक रिक्त हैं। साथ ही, विभागीय स्तर पर 984 और पद भी अधर में लटके हुए हैं।
इस प्रकार कुल 2300 पदों पर भर्ती अभी लंबित है, जबकि भर्ती की वैधता की अंतिम तारीख 1 जुलाई 2025 है — यानी अब भी नियुक्ति दी जा सकती है, यदि विभाग तत्परता दिखाए।
⚖️ कोर्ट की भी फटकार, लेकिन विभाग अब तक मौन
इन तमाम प्रयासों के बावजूद जब विभाग ने कोई ठोस जवाब नहीं दिया, तो अभ्यर्थियों ने न्यायालय की शरण ली। 29 मई 2025 को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने विभाग से पूछा कि छठवीं सूची अब तक क्यों जारी नहीं की गई।
सरकारी पक्ष जवाब देने में असफल रहा, जिससे नाराज़ अदालत ने विभाग को नोटिस जारी किया और कहा कि 9 जून तक लिखित जवाब पेश किया जाए। यह विभाग के लिए एक गंभीर चेतावनी मानी जा रही है।
🗣️ भाजपा नेताओं से लेकर विभाग तक की गई मुलाकातें रहीं बेअसर
अभ्यर्थियों का संघर्ष सिर्फ न्यायालय तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने लगातार कैबिनेट मंत्रियों, विधायकों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मिलकर अपनी बात रखी।
हाल ही में रायपुर के एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय पहुंचे सैकड़ों अभ्यर्थियों को न तो प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव से मिलने दिया गया और न ही उनकी बात सुनी गई। इसके उलट, पुलिस ने बलपूर्वक उन्हें बसों में भरकर शहर से 20 किलोमीटर दूर वीरान स्थल पर छोड़ दिया, जिससे नाराज़गी और निराशा और अधिक गहराई।
🔴 अभ्यर्थियों की मांगें: “हम योग्य हैं, पद खाली हैं – तो नियुक्ति क्यों नहीं?”
अभ्यर्थियों का स्पष्ट कहना है कि—
- हम सभी TET उत्तीर्ण हैं
- कॉमन मेरिट लिस्ट में नाम भी है
- भर्ती की वैधता अब भी प्रभावी है
- फिर भी नियुक्ति नहीं देना अन्याय है
वे सवाल कर रहे हैं कि जब विभाग को पता है कि योग्य उम्मीदवार हैं और पद भी रिक्त हैं, तो छठवीं सूची जारी करने में देरी क्यों हो रही है?
📌 अब उम्मीद न्यायालय से — 9 जून की सुनवाई पर टिकी निगाहें
अब सारा दारोमदार 9 जून को होने वाली अगली सुनवाई पर है, जहां विभाग को न्यायालय में लिखित जवाब देना होगा। अगर कोर्ट ने सख्ती दिखाई तो संभव है कि लंबित सूची जल्द जारी की जाए।
🎙️ अंत में — अभ्यर्थियों का संदेश: “हम पीछे हटने वाले नहीं, यह अंतिम संघर्ष है”
डीएड अभ्यर्थियों ने स्पष्ट कर दिया है कि यह लड़ाई सिर्फ नौकरी की नहीं, सम्मान और हक की है। जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता, वे डीपीआई परिसर के बाहर शांतिपूर्ण सत्याग्रह जारी रखेंगे।
✒️ रिपोर्ट: B4News विशेष संवाददाता



