बिलासपुर, 3 सितम्बर 2025।
जिला बिलासपुर के तखतपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कृषक पशु की हत्या कर मांस की बिक्री और खरीद-फरोख्त करने वाले 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299, 60, 13, 111 सहित छत्तीसगढ़ कृषक पशु संरक्षण अधिनियम की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है। इसके साथ ही संगठित अपराध की धारा 111 BNS भी जोड़ी गई है।
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गिरफ्त में आए आरोपी
पुलिस ने जिन आरोपियों को पकड़ा है, उनमें शामिल हैं –
अरुण सिंह उर्फ अरुण पास्टर (47 वर्ष), निवासी मिशन कम्पाउंड, वार्ड 4, तखतपुर
राजेश दयाल उर्फ राजेश मसीह (65 वर्ष), ग्राम भथरी, थाना जरहागांव
मुकेश दयाल उर्फ मुकेश मसीह (60 वर्ष), ग्राम भथरी, थाना जरहागांव
साउल मसीह (28 वर्ष), निवासी कम्पाउंड तखतपुर
संजय खेस (55 वर्ष), निवासी मिशन कम्पाउंड तखतपुर
किशोर कुमार मसीह (56 वर्ष), निवासी मिशन कम्पाउंड तखतपुर
लीला मसीह उर्फ कालो आंटी (47 वर्ष), निवासी मिशन कम्पाउंड तखतपुर
राजेन्द्र लहरे उर्फ राजेन्द्र मसीह (38 वर्ष), निवासी कॉलेज पारा, तखतपुर
सुनील कुमार टंडन (38 वर्ष), निवासी खुडियाडीह, हाल मिशन कम्पाउंड तखतपुर
भोलू उर्फ अभिमन्यु ओगरे (40 वर्ष), निवासी आजाद पारा, वार्ड 5 तखतपुर
गुलाम रजा खान उर्फ डब्बू (34 वर्ष), निवासी वार्ड 6, मुसलमान मोहल्ला, तखतपुर
मुन्ना मसीह उर्फ राजकुमार मसीह (70 वर्ष), निवासी मिशन कम्पाउंड तखतपुर
पुलिस के मुताबिक, इनमें से दो आरोपी गौवध में प्रत्यक्ष रूप से शामिल थे, जबकि बाकी आरोपी गौमांस की खरीद-फरोख्त और सहयोग करने में संलिप्त पाए गए।
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पुलिस की कार्रवाई
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर श्री रजनेश सिंह (भा.पु.से.) के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक व नगर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। थाना प्रभारी तखतपुर की टीम ने लगातार विवेचना करते हुए आरोपियों को दबोचा।
पुलिस ने बताया कि सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
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संगठित अपराध के तहत मामला दर्ज
इस प्रकरण में पुलिस ने संगठित अपराध की धारा भी जोड़ी है। पुलिस का मानना है कि आरोपियों का नेटवर्क संगठित तरीके से काम कर रहा था, जिसके तहत न केवल गौवध किया जा रहा था, बल्कि उसका मांस बेचने और खरीदने की गतिविधि भी चल रही थी।
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नतीजा
तखतपुर पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है। गौवध और मांस बिक्री जैसे मामलों पर रोक लगाने के लिए पुलिस की यह बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।