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वरिष्ठ पत्रकार मणि आर्य पर जानलेवा हमला, दिल्ली पुलिस पर लापरवाही के आरोप
📌 घटना कैसे घटी?
- तारीख: 20 सितंबर, रात 10:07 बजे
- जगह: पत्रकार मणि आर्य का आवास, पहाड़गंज
- हमला: दो युवकों ने जालीदार दरवाज़े से अंदर खड़े देखकर ईंट फेंकी
- बचाव: दरवाज़ा बंद होने से पत्रकार बाल-बाल बचे
📌 पुलिस मदद क्यों नहीं मिली?
मणि आर्य ने 10:12 बजे PCR को कॉल किया, लेकिन तत्काल कोई पुलिस सहायता नहीं मिली। पत्रकार ने कहा, “राजधानी के बीचों-बीच एक पत्रकार पर हमला हो जाता है और पुलिस तत्काल मदद तक नहीं पहुँचाती।”
📌 CCTV फुटेज में कैद हमलावर
अगले दिन थाना नबी करीम से पुलिस टीम मौके पर पहुँची। फुटेज में दोनों हमलावर साफ दिखाई दे रहे हैं। गवाहों के मुताबिक, एक युवक की पैंट में रिवॉल्वर भी नजर आई।
📌 पहले भी दी गई थीं धमकियाँ
पत्रकार ने आरोप लगाया कि हमला सुनियोजित था और इसके पीछे मनीष चड्ढा और बलविंदर कपूर का हाथ हो सकता है। उन्होंने 15 और 18 सितंबर को इन दोनों के खिलाफ दिल्ली पुलिस आयुक्त, DCP सेंट्रल और SHO नबी करीम को लिखित शिकायत दी थी।
📌 पत्रकार संगठनों का आक्रोश
पत्रकार संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा –
📌 कार्रवाई की मांग
मणि आर्य ने अपनी शिकायत में कहा कि अगर भविष्य में उन्हें या उनके परिवार को कोई नुकसान होता है, तो इसके लिए वही लोग जिम्मेदार होंगे जिनके नाम उन्होंने दर्ज कराए हैं। उन्होंने CMO Delhi, PMO, दिल्ली पुलिस कमिश्नर और होम मिनिस्ट्री से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
👉 B4News का सवाल
दिल्ली में प्रेस पर हमला… अपराधियों के हौसले इतने बुलंद क्यों? और पुलिस कार्रवाई इतनी सुस्त क्यों?



