बिलासपुर में सराफा कारोबारी पर हुए जानलेवा हमले और दो करोड़ से अधिक की लूट के मामले में पुलिस ने बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए इस सनसनीखेज वारदात का 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। इस पूरे ऑपरेशन में की भूमिका बेहद अहम रही, जिनके सहयोग से अंतरराज्यीय गिरोह के 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
घटना की पृष्ठभूमि
यह वारदात 17 फरवरी 2026 की रात राजकिशोर नगर क्षेत्र में हुई थी, जब महालक्ष्मी ज्वेलर्स के संचालक संतोष तिवारी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। पहले से घात लगाए बदमाशों ने उनकी कार को टक्कर मारकर रोका, पिस्तौल और हथौड़ी से हमला कर गंभीर रूप से घायल किया और उनकी कार सहित भारी मात्रा में सोना व नकदी लूटकर फरार हो गए थे।

पुलिस की त्वरित और संयुक्त कार्रवाई
घटना के बाद बिलासपुर पुलिस ने तत्काल शहर में नाकेबंदी कर दी। CCTV फुटेज, तकनीकी साक्ष्य, डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक जांच के आधार पर आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की गई। जांच में सामने आया कि आरोपी उत्तर प्रदेश की ओर फरार हो रहे हैं।
इसके बाद बिलासपुर पुलिस की विशेष टीम ने उत्तर प्रदेश पुलिस से समन्वय स्थापित किया। इसी क्रम में मिर्जापुर जिले के अहरौरा थाना और अदलहाट थाना की संयुक्त पुलिस टीम ने 18 फरवरी 2026 की रात घेराबंदी कर आरोपियों को दबोच लिया।



कहां-कहां से हुई गिरफ्तारी
- अहरौरा थाना, मिर्जापुर (UP)
- अदलहाट थाना, मिर्जापुर (UP)
संयुक्त कार्रवाई में कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें एक स्थानीय सहयोगी भी शामिल है।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं—
- विजय लाम्बा – मास्टरमाइंड, शातिर अंतरराज्यीय अपराधी
- मोनू उर्फ राहुल उर्फ रोहित
- विनोद उर्फ बीनू प्रजापति
- करीम खान
- इरफान अली (स्थानीय सहयोगी, बिलासपुर)
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मुख्य आरोपी विजय लाम्बा के खिलाफ दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान सहित कई राज्यों में 70 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।


क्या-क्या बरामद हुआ
संयुक्त पुलिस टीम ने आरोपियों के कब्जे से—
- कुल 3.768 किलोग्राम सोने के आभूषण
- 1,46,100 रुपये नकद
- 01 देसी पिस्तौल (.32 बोर)
- 01 जिंदा कारतूस व 01 खोखा कारतूस
- 02 हथौड़े (0.315 बोर कारतूस सहित)
- लूटी गई रेनॉल्ट क्विड कार (CG13V7002)
- घटना में प्रयुक्त अन्य वाहन
बरामद किए हैं।
पूछताछ में बड़ा खुलासा
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने बिलासपुर में पहले से रेकी कर पूरी योजना के तहत वारदात को अंजाम दिया। विरोध करने पर कारोबारी को जान से मारने की नीयत से हमला किया गया और फिर दिल्ली की ओर भागने की योजना थी।
पुलिस अधिकारियों की सराहनीय भूमिका
इस पूरे ऑपरेशन को वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया। बिलासपुर पुलिस और मिर्जापुर पुलिस की संयुक्त टीम ने लगातार मॉनिटरिंग, सटीक सूचना तंत्र और तेज कार्रवाई से इस गंभीर और दुस्साहसिक अपराध को चुनौती के रूप में लेते हुए सफलता हासिल की।
सराफा कारोबारियों में राहत
इस खुलासे के बाद बिलासपुर सहित पूरे प्रदेश के सराफा कारोबारियों में राहत का माहौल है। व्यापारियों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए आरोपियों को सख्त सजा देने और व्यापारियों की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।
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