रायपुर। राजधानी रायपुर में करीब 50 लाख रुपये की गबन की बड़ी वारदात का पुलिस ने खुलासा करते हुए कंपनी के ड्राइवर समेत कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जिस ड्राइवर पर कंपनी ने भरोसा कर लाखों रुपये की जिम्मेदारी सौंपी थी, वही इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड निकला।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 49 लाख 50 हजार रुपये नगद, कंपनी की एमजी विंडसर कार (CG/04/QG/6633) और घटना में प्रयुक्त वर्ना कार (CG 06 HB 8055) जब्त की है। जब्त मशरूका की कुल कीमत लगभग 66 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है।
आरोपियों के खिलाफ थाना खम्हारडीह में अपराध क्रमांक 136/26 के तहत धारा 316(4), 306, 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है।
ऐसे रची गई 50 लाख की गबन की साजिश
प्रार्थी अखिलेश ने थाना खम्हारडीह में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 25 अप्रैल 2026 को उसके जीजा उमेश अग्रवाल ने फोन पर बताया कि वह पारिवारिक कार्य से शहर से बाहर हैं। उसी दिन कंपनी के ड्राइवर कृष्णा साहू और एकाउंटेंट भूपेन्द्र देवांगन कंपनी की कार से कचना रायपुर से लगभग 50 लाख रुपये लेकर निकले थे।
बैंक बंद होने के कारण यह रकम देवपुरी स्थित निवास पर जमा की जानी थी। दोपहर करीब 3:15 बजे जब दोनों गीतांजली नगर स्थित भारत माता मूर्ति के पास पहुंचे, तब ड्राइवर कृष्णा साहू ने गुटखा लेने के बहाने एकाउंटेंट भूपेन्द्र को कार से नीचे उतार दिया।
जैसे ही भूपेन्द्र गुटखा लेने उतरा, कृष्णा साहू कार सहित 50 लाख रुपये लेकर मौके से फरार हो गया। भूपेन्द्र द्वारा शोर मचाने और फोन करने के बावजूद आरोपी नहीं रुका और अपना मोबाइल भी बंद कर लिया।
पुलिस ने ऐसे सुलझाई गुत्थी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) श्री मयंक गुर्जर और पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) श्री स्मृतिक राजनाला ने तत्काल आरोपी की गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
थाना प्रभारी खम्हारडीह सुश्री मानसी नानाभाउ साकोरे (भा.पु.से.) और थाना प्रभारी मुजगहन श्री अमित कोसिमा (रा.पु.से.) के नेतृत्व में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा थाना खम्हारडीह पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई।
टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। आरोपी के भागने के संभावित सभी रास्तों की जांच की गई। तकनीकी विश्लेषण, मुखबिर तंत्र और लगातार दबिश के जरिए आखिरकार आरोपी कृष्णा साहू को गिरफ्तार कर लिया गया।
रिश्तेदारों और साथियों के साथ बनाई थी पूरी योजना
पूछताछ में कृष्णा साहू ने खुलासा किया कि उसने यह पूरी वारदात पहले से अपने रिश्तेदारों और साथियों के साथ मिलकर प्लान की थी। घटना को अंजाम देने के बाद गबन की रकम को आपस में बांट लिया गया था।
इसके बाद पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर एक महिला सहित कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने बरामद किए 49.50 लाख रुपये
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से—
- 49,50,000 रुपये नगद
- एमजी विंडसर कार
- घटना में प्रयुक्त वर्ना कार
बरामद किए हैं।
इस कार्रवाई को एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और थाना खम्हारडीह पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
गिरफ्तार आरोपी
1. कृष्णा साहू
पिता – स्व. हुलास राम साहू
उम्र – 30 वर्ष
निवासी – ग्राम चुचरूंगपुर, थाना मगरलोड, जिला धमतरी
2. कन्हैया राणा
पिता – नंदलाल राणा
उम्र – 32 वर्ष
निवासी – ग्राम परसदा, थाना बागबाहरा, जिला महासमुंद
3. श्रीमती सविता साहू
पति – स्व. दिलीप साहू
उम्र – 36 वर्ष
निवासी – गोगांव सीतानगर, थाना गुढियारी, रायपुर
4. भुनेश्वर साहू
पिता – स्व. कुमार साहू
उम्र – 37 वर्ष
निवासी – कमरौद, थाना मगरलोड, जिला धमतरी
5. ओम प्रकाश साहू
पिता – मुन्नालाल साहू
उम्र – 38 वर्ष
निवासी – रावाभांठा, थाना खमतराई, रायपुर
6. विष्णु प्रसाद पटेल
पिता – कन्हैया लाल पटेल
उम्र – 34 वर्ष
निवासी – ग्राम हल्दी, थाना नंदनीनगर अहिवारा, जिला दुर्ग
7. टीकम पटेल
पिता – लेखन पटेल
उम्र – 25 वर्ष
निवासी – ग्राम हरदी, पोस्ट सेमरिया, जिला दुर्ग
निष्कर्ष
यह मामला सिर्फ गबन नहीं बल्कि भरोसे के साथ विश्वासघात का भी बड़ा उदाहरण है। कंपनी के ड्राइवर ने अपने ही मालिक को करोड़ों की ठगी जैसी चोट पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की तेज कार्रवाई और तकनीकी जांच ने पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया। राजधानी रायपुर में यह मामला अब चर्चाओं का बड़ा विषय बना हुआ है।

