बिलासपुर | B4News
बिलासपुर जिले के कोटा थाना क्षेत्र अंतर्गत डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय के बॉयज हॉस्टल से लापता हुए छात्र को कोटा पुलिस ने नागपुर से सकुशल बरामद कर लिया है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि छात्र ऑनलाइन गेमिंग की लत और उससे जुड़े कर्ज के कारण मानसिक दबाव में था। पिता को सच्चाई बताने के डर से उसने हॉस्टल छोड़कर भागने की योजना बनाई थी।
पुलिस ने छात्र को सुरक्षित वापस लाकर उसके परिजनों को सुपुर्द कर दिया है।
बी.फार्मेसी छात्र 6 मार्च से था लापता
मिली जानकारी के अनुसार, गुमशुदा छात्र की पहचान रोहित कुमार (20 वर्ष) पिता अमरेन्द्र कुमार निवासी महावीर कॉलोनी, संगम चौक, गया जिला (बिहार) के रूप में हुई है। रोहित वर्तमान में डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय, कोटा के बालक छात्रावास में रहकर बी. फार्मेसी चतुर्थ सेमेस्टर की पढ़ाई कर रहा था।
दिनांक 06 मार्च 2026 को वह अचानक छात्रावास से लापता हो गया था। काफी खोजबीन के बाद भी उसका कोई पता नहीं चलने पर छात्रावास प्रबंधन की ओर से राजा मिश्रा ने 07 मार्च 2026 को थाना कोटा पहुंचकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
इस पर थाना कोटा में गुम इंसान क्रमांक 29/2026 कायम कर जांच शुरू की गई।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर चला विशेष तलाश अभियान
गुम इंसानों की तलाश हेतु चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह (भा.पु.से.) के निर्देशन में जांच तेज की गई।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्रीमती मधुलिका सिंह तथा अनुविभागीय अधिकारी पुलिस कोटा श्रीमती नुपूर उपाध्याय (रा.पु.से.) के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने लगातार छात्र की तलाश जारी रखी।

क्लासमेट, कॉल डिटेल, बैंक अकाउंट और CCTV की जांच
पुलिस ने मामले की गहराई से जांच करते हुए—
- छात्र के क्लासमेट्स से पूछताछ
- छात्रावास के छात्रों की जानकारी
- कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR)
- बैंक अकाउंट डिटेल
- आसपास के बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन की जांच
- ग्रामीण क्षेत्रों में फोटो दिखाकर पहचान
- CCTV फुटेज का विश्लेषण
- साइबर सेल की तकनीकी सहायता
का सहारा लिया।
पुलिस टीम ने छात्र की तलाश में दमोह, मथुरा और वृंदावन तक जाकर पतासाजी की, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला।
टेक्निकल एविडेंस से मिला नागपुर लोकेशन
दिनांक 25 अप्रैल 2026 को तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को सूचना मिली कि छात्र रोहित कुमार नागपुर में मौजूद है। सूचना मिलते ही तत्काल पुलिस टीम रवाना की गई।
दिनांक 26 अप्रैल 2026 को पुलिस ने नागपुर पहुंचकर रोहित कुमार को सकुशल बरामद कर लिया और थाना कोटा लाया गया।
ऑनलाइन गेमिंग में हारता रहा पैसे, कर्ज से घबराकर भागा
पुलिस पूछताछ में रोहित कुमार ने बताया कि वह लंबे समय से ऑनलाइन गेमिंग में संलिप्त था। गेम खेलने के लिए उसने कई लोगों से उधार पैसे लिए थे और लगातार रकम हारता जा रहा था।
वह अपने पिता को इस बारे में बताने से डर रहा था। कर्ज और पारिवारिक डांट के भय से उसने हॉस्टल से भागने की योजना बनाई और बिना किसी को बताए निकल गया।
परिजनों को सौंपा गया छात्र
बरामदगी के बाद पुलिस ने आवश्यक पूछताछ और औपचारिकताएं पूरी कर छात्र को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। परिजनों ने कोटा पुलिस की त्वरित कार्रवाई और लगातार प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया।
इन पुलिसकर्मियों की रही विशेष भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में—
- निरीक्षक नरेश चौहान
- सउनि गोपाल खांडेकर
- आरक्षक 192 धर्मेंद्र साहू
- आरक्षक 656 अनिल साहू
- आरक्षक 252 जलेश्वर साहू
- साइबर सेल आरक्षक प्रशांत राठौर
की विशेष भूमिका रही।
B4News विशेष
यह मामला एक बार फिर युवाओं में बढ़ती ऑनलाइन गेमिंग की लत और उससे पैदा हो रहे मानसिक दबाव की गंभीर तस्वीर सामने लाता है। अभिभावकों और शिक्षण संस्थानों को ऐसे मामलों में संवेदनशील निगरानी और समय पर संवाद की आवश्यकता है, ताकि युवा गलत कदम उठाने से बच सकें।

