बिलासपुर | B4NEWS
भक्ति, सेवा और सामाजिक सरोकार की अनूठी मिसाल पेश करते हुए एक बार फिर चर्चा में हैं। बिलासपुर के सुप्रसिद्ध समाजसेवी प्रवीण झा एवं द्वारा रामनवमी के पावन अवसर पर इस वर्ष भी भव्य निःशुल्क दर्शन यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। यह लगातार तीसरा वर्ष है जब समिति के नेतृत्व में 1008 श्रद्धालुओं को अयोध्या में प्रभु श्रीराम के दर्शन कराए जाएंगे।
पत्रकार वार्ता में हुई घोषणा
इस संबंध में में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान प्रवीण झा ने जानकारी देते हुए बताया कि श्रद्धालुओं को पूर्णतः निःशुल्क में रामलला के दर्शन कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल उन श्रद्धालुओं के लिए है जो आर्थिक या अन्य कारणों से अयोध्या नहीं जा पाते।

1 मार्च से शुरू होगा पंजीकरण
यात्रा के लिए पंजीकरण प्रक्रिया 1 मार्च से प्रारंभ होगी। पारदर्शिता और सुचारू व्यवस्था के लिए पंजीकरण स्थित पुलिस ग्राउंड में किया जाएगा। इच्छुक श्रद्धालुओं को निम्न दस्तावेज साथ लाना अनिवार्य होगा:
- दो पासपोर्ट साइज नवीनतम फोटो
- आधार कार्ड की छायाप्रति
यात्रा की शर्तें और व्यवस्थाएं
समिति ने इस वर्ष कुछ विशेष नियम लागू किए हैं ताकि अधिक से अधिक परिवार इस पुण्य लाभ में सहभागी बन सकें:
- पारिवारिक सीमा: एक परिवार से अधिकतम दो सदस्य ही यात्रा कर सकेंगे।
- मार्ग: यात्रा बिलासपुर से होते हुए जाएगी, जहां से आगे के लिए प्रस्थान होगा।
- सुविधाएं: बस, भोजन और ठहरने की संपूर्ण व्यवस्था समिति द्वारा निःशुल्क की जाएगी। दर्शन के पश्चात उसी रात बसों से श्रद्धालुओं की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जाएगी।
“सेवा ही हमारा संकल्प” – प्रवीण झा
प्रेस वार्ता में प्रवीण झा ने कहा,
“हमारा एकमात्र उद्देश्य यही है कि कोई भी श्रद्धालु संसाधनों के अभाव में प्रभु श्रीराम के दर्शन से वंचित न रहे। पिछले दो वर्षों में श्रद्धालुओं का जो प्रेम और उत्साह हमें मिला, उसी ने हमें तीसरे वर्ष भी यह सेवा जारी रखने की प्रेरणा दी है। हमारी कोशिश है कि हर भक्त की यात्रा सुगम, सुरक्षित और मंगलमय हो।”

शहर में उत्साह का माहौल
अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से ही देशभर में श्रद्धालुओं में अपार उत्साह है। प्रवीण झा की इस घोषणा के बाद से बिलासपुर और आसपास के क्षेत्रों में खुशी और भक्ति का माहौल देखने को मिल रहा है। सामाजिक संगठनों और प्रबुद्ध नागरिकों ने इस नि:स्वार्थ पहल की सराहना की है।
अब सभी की निगाहें 1 मार्च से शुरू होने वाले पंजीकरण पर टिकी हैं, जहां यह देखना दिलचस्प होगा कि कितनी बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस ऐतिहासिक और पुण्य यात्रा का हिस्सा बनने आगे आते हैं।


