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रायपुर/जशपुरनगर से विशेष रिपोर्ट
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर अब सीधे जिले के जनसम्पर्क विभाग से “हमला” हुआ है।
सहायक संचालक जनसम्पर्क कार्यालय, नूतन सिदार ने पत्रकारों को धमकी भरा कानूनी नोटिस भेजकर विवाद खड़ा कर दिया।
- क्या नोटिस भेजने से पहले शासन/प्रशासन से अनुमति ली गई?
- अगर नहीं, तो क्या ये सेवा आचरण नियम का उल्लंघन नहीं है?
सरकारी नियम कहते हैं –
कोई भी शासकीय कर्मचारी अपने पदनाम से किसी कानूनी कार्रवाई हेतु उच्च अधिकारी की अनुमति लिए बिना कदम नहीं उठा सकता।
यहाँ अधिकारी खुद ही पत्रकारों को धमका रही हैं!
“सरकार पत्रकार सुरक्षा कानून की बात करती है, लेकिन यहां खुद अधिकारी पत्रकारों को धमका रहे हैं। क्या यहीं है अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता?”
– पत्रकार संगठन
- अधिकारी अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं।
- पत्रकारों पर ब्लैकमेलिंग के झूठे आरोप लगाकर सच दबाने की कोशिश।
- सवाल – क्या पत्रकारों का सच दबाया जा सकता है?
- क्या कलेक्टर और जनसम्पर्क विभाग के वरिष्ठ अधिकारी करेंगे कार्रवाई?
- या फिर मामला फाइलों में दबा दिया जाएगा?
- यदि नोटिस भेजने पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो प्रशासन खुद अधिकारियों को पत्रकारों पर अत्याचार की छूट देता है!
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| 📅 लागू | 1 जनवरी 1965 (नोटिफाई 1964) |
| 🎯 उद्देश्य | सरकारी सेवकों के लिए नैतिक आचरण तय करना |
| 👥 लागू किस पर | IAS, IPS, IFS समेत केंद्र सरकार के सभी कर्मचारी |
| ⚠️ मुख्य निषेध | भ्रष्टाचार, रिश्वत, राजनीति, निजी व्यापार, अनुशासनहीनता |
| 🗞️ प्रेस/मीडिया | सरकारी कार्य से जुड़े कार्य बिना अनुमति नहीं कर सकते |
| 📱 सोशल मीडिया | नियम लागू, बिना अनुमति लिखना या शेयरिंग वर्जित |
| 🛑 सार्वजनिक आलोचना | सरकार/वरिष्ठ पर सार्वजनिक आलोचना गैरकानूनी |
यदि कोई सरकारी सेवक अपनी छवि की रक्षा (मानहानि) हेतु कानूनी कार्रवाई करना चाहता है, तो उसे सरकार से अनुमति लेना अनिवार्य है।
- 🚨चेतावनी
- ⏹️वेतन कटौती
- ⬇️पदावनति
- ⏸️निलंबन
- ⛔बर्खास्तगी
- क्या जशपुर का प्रशासन किसी अधिकारी के खुलेआम पद के दुरुपयोग के बावजूद निष्क्रिय रहेगा?
- क्या पत्रकारों की आवाज़ को दबाने की साजिश खुलेआम चलेगी?
सिविल सेवा आचरण नियम, 1964 का पालन हर अधिकारी के लिए जरूरी!
कानून कहता है – ईमानदारी, निष्पक्षता और जवाबदेही जरूरी है।
कोई भी कार्रवाई बिना अनुमति नहीं की जा सकती।
आचरण नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई अनिवार्य है।
- ⚠️जनसम्पर्क अधिकारी का नोटिस
- 📝शासन अनुमति का सवाल
- 🎙️पत्रकार संगठन की प्रतिक्रिया
- 🔍जांच/कार्रवाई की मांग
- ⚖️सिविल सेवा नियम
- ❌क्या प्रशासन अब भी खामोश रहेगा?
- 📣लोकतंत्र की रक्षा या अधिकारीशाही की दबंगई?

