छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों को नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत बड़ी सफलता मिली है। गंगालूर थाना क्षेत्र में चलाए गए इस अभियान के दौरान सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में 08 नक्सली मारे गए हैं। मुठभेड़ स्थल से इंसास राइफल, वीएलजी लॉन्चर समेत कई आधुनिक हथियार बरामद किए गए हैं। सुरक्षाबलों को आशंका है कि इस मुठभेड़ में और भी नक्सली मारे गए या घायल हुए होंगे। फिलहाल, पूरे इलाके में सघन सर्चिंग अभियान जारी है।
मुख्यमंत्री ने जवानों के साहस को सराहा
इस बड़ी सफलता पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुरक्षाबलों की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ नक्सल उन्मूलन के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा, “यह जवानों की बहादुरी और रणनीतिक कौशल का परिणाम है। मैं हमारे वीर जवानों के साहस को सलाम करता हूं। वे नक्सलवाद के खात्मे के लिए पूरी मजबूती के साथ लड़ाई लड़ रहे हैं।”
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के संकल्प के तहत 31 मार्च 2026 तक देश और प्रदेश से नक्सलवाद को समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार इस दिशा में सफल हो रही है और नक्सलवाद अब अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। उन्होंने दोहराया कि बस्तर को पूरी तरह से नक्सल मुक्त बनाना और वहां के आदिवासी समुदाय के विकास को गति देना सरकार का मुख्य उद्देश्य है।
मुख्यमंत्री ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में माओवादियों से आत्मसमर्पण करने और सरकार की पुनर्वास योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा और विकास दोनों को प्राथमिकता दे रही है, जिससे प्रभावित समुदायों को बेहतर जीवन मिल सके।
कैसे हुई मुठभेड़?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 31 जनवरी 2025 को डीआरजी (District Reserve Guard), एसटीएफ (Special Task Force), कोबरा 202 और केरिपु 222 वाहिनी की संयुक्त टीम को पश्चिम बस्तर डिवीजन में माओवादियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इस जानकारी के आधार पर सुरक्षा बलों ने एक बड़े नक्सल विरोधी अभियान की योजना बनाई और इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
01 फरवरी की सुबह लगभग 8:30 बजे सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ शुरू हुई, जो रुक-रुक कर कई घंटों तक चली। इस दौरान 08 नक्सलियों को मार गिराया गया और उनके ठिकानों से बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और अत्याधुनिक हथियार बरामद किए गए। मुठभेड़ खत्म होने के बाद सुरक्षाबलों ने पूरे क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया ताकि कोई घायल नक्सली बचकर न निकल सके।
बस्तर में नक्सल उन्मूलन के लिए तेज हुआ अभियान
छत्तीसगढ़ सरकार लगातार बस्तर अंचल के नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा को मजबूत कर रही है। हाल के वर्षों में सरकार ने कई नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए हैं ताकि ग्रामीणों को सुरक्षा मिल सके और माओवादियों के प्रभाव को खत्म किया जा सके।
इसके साथ ही, सरकार “नियद नेल्ला नार” योजना के तहत गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विकास कर रही है। इस योजना के तहत सड़कों का निर्माण, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, विद्युत आपूर्ति और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए काम किया जा रहा है। इससे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति स्थापित करने में मदद मिल रही है और स्थानीय लोगों को मुख्यधारा में जोड़ा जा रहा है।
सरकार की माओवादियों से अपील
छत्तीसगढ़ सरकार ने माओवादियों से आत्मसमर्पण करने और पुनर्वास योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की है। सरकार की योजना के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को वित्तीय सहायता, पुनर्वास और सुरक्षित भविष्य का वादा किया गया है।
निष्कर्ष
बीजापुर में हुई इस मुठभेड़ को सुरक्षाबलों की एक बड़ी जीत माना जा रहा है। नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार की नीतियां और सुरक्षाबलों की कार्रवाई अब प्रभावी साबित हो रही है। इस ऑपरेशन से बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ जारी जंग को और मजबूती मिलेगी, जिससे क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।

