📍 कोरिया, छत्तीसगढ़
🔴 संवेदनाओं को शर्मसार करने वाला मामला
छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले से सामने आया यह मामला न सिर्फ कानून व्यवस्था पर, बल्कि इंसानियत पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। एक गरीब मजदूर परिवार अपने मासूम बेटे की डूबने से हुई मौत के गहरे सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि आरोप है—उसी हादसे को कुछ पुलिसकर्मियों ने कमाई का जरिया बना लिया।
⚠️ क्या है पूरा मामला?
प्रार्थी सत्येन्द्र कुमार प्रजापति के घर पर ईंट निर्माण का कार्य चल रहा था। निर्माण स्थल पर खोदे गए गड्ढे में पानी भर गया था।
इसी दौरान वहां काम कर रहे मजदूर मोहित घसिया के मासूम बेटे की उसी गड्ढे में डूबने से मौत हो गई।
➡️ हादसा आकस्मिक था, परिवार शोक में डूबा था—लेकिन यहीं से शुरू हुआ भ्रष्टाचार का खेल।
💰 जांच के नाम पर डर और सौदेबाज़ी
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि बचरापोड़ी चौकी में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक (ASI) गुरु प्रसाद यादव ने मामले की जांच को लेकर दबाव बनाना शुरू किया।
🔸 केस को “रफा-दफा” करने के लिए ₹50,000 की रिश्वत मांगी गई
🔸 बातचीत के बाद ₹25,000 में सौदा तय हुआ
हैरानी की बात यह रही कि ASI के तबादले के बाद भी रिश्वत की मांग बंद नहीं हुई।
🚨 नया प्रभारी, पुराना खेल
नए चौकी प्रभारी उप निरीक्षक (SI) अब्दुल मुनाफ पर आरोप है कि पद संभालते ही उन्होंने “अधूरा सौदा” पूरा करने की जिम्मेदारी ली और प्रार्थी को पैसे लेकर चौकी बुलाया।
➡️ यही वह मोड़ था, जहां पीड़ित ने चुप रहने के बजाय कानून का सहारा लिया।
🕵️ ACB का ट्रैप और रंगे हाथों गिरफ्तारी
भ्रष्टाचार से तंग आकर प्रार्थी ने
👉 एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB),
👉 अंबिकापुर
से शिकायत की।
🔍 शिकायत का सत्यापन हुआ
🎯 ट्रैप प्लान तैयार किया गया
जैसे ही प्रार्थी ने चौकी में SI अब्दुल मुनाफ को ₹25,000 सौंपे—
🚔 ACB टीम ने उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
➡️ जांच में सामने आए सबूतों के आधार पर
ASI गुरु प्रसाद यादव को भी
➡️ रिश्वत मांगने और साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
⚖️ कानूनी कार्रवाई
👮♂️ आरोपी:
- उप निरीक्षक (SI) – अब्दुल मुनाफ
- सहायक उप निरीक्षक (ASI) – गुरु प्रसाद यादव
📜 धाराएं:
- भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018)
- धारा 7 – लोक सेवक द्वारा रिश्वत लेना
- धारा 12 – रिश्वत दिलाने/उकसाने में सहयोग
📌 स्थिति:
दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर आगे की जांच जारी।

❓ सिस्टम पर गंभीर सवाल
🛑 क्या शोकग्रस्त गरीब परिवारों को डराकर पैसे वसूलना अब “नियम” बनता जा रहा है?
🛑 क्या जांच की आड़ में सौदेबाज़ी आम हो चुकी है?
✅ ACB की कार्रवाई, सख्त संदेश
इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा और स्पष्ट संदेश माना जा रहा है—
👉 वर्दी की गरिमा भूलकर अवैध वसूली करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
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