शिकायत के बाद प्रशासन हरकत में, प्रधान आरक्षक को निर्माण रोकने का आदेश
📍 स्थान: अम्बिकापुर, सरगुजा (छत्तीसगढ़)
🗓 तारीख: 6 मार्च 2026
✍ रिपोर्ट: B4News विशेष


🚨 मामला क्या है?
सरगुजा संभाग में पुलिस विभाग के एक प्रधान आरक्षक रविन्द्र भारती पर सरकारी जमीन पर कब्जा कर निर्माण करने का आरोप लगा है। शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए निर्माण कार्य तत्काल रोकने का आदेश जारी किया है।
🧑✈️ वर्दी में विवाद
आरोप है कि पुलिस कर्मचारी ने:
🏗 सरकारी जमीन पर शेड बनाया
🧱 बाउंड्री (प्रिकार) निर्माण कराया
🌽 जमीन पर मक्का की खेती शुरू कर दी
शिकायत के अनुसार संबंधित जमीन सरकारी राजस्व भूमि है।
📍 जमीन कहां की है?
🗺 ग्राम: अजीरमा
📊 पटवारी हल्का: नंबर 56
📑 खसरा नंबर: 74/1
📏 कुल रकबा: लगभग 2.480 हेक्टेयर
आरोप है कि इनमें से करीब 0.700 हेक्टेयर जमीन पर कब्जा कर उपयोग किया जा रहा था।
🧾 शिकायत किसने की?
👤 शिकायतकर्ता: जितेन्द्र कुमार जायसवाल
शिकायत में कहा गया है कि:
⚠ संबंधित पुलिस कर्मचारी गांव का मूल निवासी नहीं है
⚠ इसके बावजूद सरकारी जमीन को निजी संपत्ति की तरह उपयोग किया जा रहा है।
📑 प्रशासन का आदेश
राजस्व निरीक्षक की रिपोर्ट के आधार पर अतिरिक्त तहसीलदार न्यायालय अम्बिकापुर-02 ने आदेश जारी किया।
आदेश में कहा गया:
⛔ सरकारी जमीन पर चल रहा निर्माण तुरंत बंद किया जाए
📅 संबंधित व्यक्ति 9 मार्च 2026 को न्यायालय में उपस्थित हो
📂 जमीन से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत किए जाएं
यदि उपस्थित नहीं हुए तो:
⚖ एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी
👮 प्रशासन ने किन्हें दिए निर्देश
आदेश में कई अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है:
👮 थाना प्रभारी गांधीनगर – आदेश का पालन सुनिश्चित करें
📊 राजस्व निरीक्षक – निर्माण कार्य रुकवाएं
📋 हल्का पटवारी – प्रतिवेदन प्रस्तुत करें
📨 संबंधित व्यक्ति को नोटिस तामील कराने के निर्देश
🔍 ड्यूटी से गायब रहने का आरोप
जानकारी के अनुसार:
📍 प्रधान आरक्षक का तबादला एमसीबी जिले में हुआ था
📍 लेकिन वे सूरजपुर पुलिस लाइन में अटैच बताए जा रहे हैं
📍 पिछले लगभग एक महीने से नियमित ड्यूटी से भी अनुपस्थित होने की चर्चा है
सूत्रों के अनुसार वेतन रोकने की प्रक्रिया भी चल रही है।
⚖ कानून क्या कहता है?
छत्तीसगढ़ में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के मामलों में आमतौर पर
📜 छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता की धारा 248 के तहत कार्रवाई होती है।
इसके तहत:
🚜 अवैध कब्जा हटाया जा सकता है
💰 जुर्माना लगाया जा सकता है
📑 प्रशासनिक कार्रवाई भी संभव है
❓ बड़ा सवाल
अब स्थानीय लोगों के बीच सवाल उठ रहा है:
❓ क्या सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटेगा?
❓ क्या पुलिस कर्मचारी पर विभागीय कार्रवाई होगी?
❓ या मामला सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सीमित रहेगा?
🗣 स्थानीय प्रतिक्रिया
ग्रामीणों का कहना है कि:
“अगर सरकारी कर्मचारी ही सरकारी जमीन पर कब्जा करने लगें, तो आम नागरिकों को कानून का पालन करने की सीख देना मुश्किल हो जाएगा।”
📌 निष्कर्ष
सरगुजा का यह मामला अब केवल जमीन विवाद नहीं रहा, बल्कि सरकारी व्यवस्था की पारदर्शिता और विश्वसनीयता से भी जुड़ गया है।
अब सबकी नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।
✅ B4News | ग्राउंड रिपोर्ट | सरगुजा


