NEET पेपर लीक विवाद के बीच एक और छात्रा की मौत: डॉक्टर बनने का सपना टूटा, सुसाइड नोट में लिखी दर्दभरी दास्तां

NEET पेपर लीक विवाद के बीच एक और छात्रा की मौत: डॉक्टर बनने का सपना टूटा, सुसाइड नोट में लिखी दर्दभरी दास्तां

B4News | विशेष रिपोर्ट

नई दिल्ली/नागपुर। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद के बीच एक और दर्दनाक घटना सामने आई है। मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले की रहने वाली 20 वर्षीय छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। परिवार का आरोप है कि NEET परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने के बावजूद पेपर लीक और पुनर्परीक्षा की खबर से वह गहरे मानसिक तनाव में चली गई थी। बताया जा रहा है कि छात्रा डॉक्टर बनने का सपना देख रही थी और उसे इस बार लगभग 650 अंक मिलने की उम्मीद थी।


क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, आकांक्षा पिछले कुछ समय से नागपुर में रहकर NEET-UG की तैयारी कर रही थी। परिवार ने उसकी पढ़ाई के लिए भारी आर्थिक संघर्ष किया था। छात्रा के पिता ने बेटी को डॉक्टर बनाने के उद्देश्य से लगभग 15 लाख रुपये का कर्ज लिया था।

परिजनों का कहना है कि परीक्षा देने के बाद आकांक्षा बेहद खुश थी और उसे विश्वास था कि इस बार उसका चयन किसी अच्छे मेडिकल कॉलेज में हो जाएगा। लेकिन जब NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने और दोबारा परीक्षा कराए जाने की खबरें सामने आईं, तो वह मानसिक रूप से टूट गई।


सुसाइड नोट में छलका दर्द

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार छात्रा ने आत्महत्या से पहले एक सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें उसने लिखा कि वह दोबारा परीक्षा देने की स्थिति में नहीं है।

सुसाइड नोट में कथित रूप से उसने लिखा—

“मम्मी-पापा, आपको भरोसा था कि मैं डॉक्टर बनूंगी। लेकिन अब दोबारा परीक्षा देने की हिम्मत नहीं बची है। पहले पेपर में अच्छे अंक आने की उम्मीद थी, मगर अब कोई गारंटी नहीं है। मुझे माफ कर दीजिए।”

यह नोट देश की परीक्षा प्रणाली और लाखों छात्रों पर पड़ने वाले मानसिक दबाव को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े करता है।


परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

आकांक्षा के परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी। पिता खेती और छोटे-मोटे कार्य कर परिवार चलाते थे। बेटी की पढ़ाई के लिए उन्होंने कर्ज लेकर उसे कोचिंग दिलाई।

परिजनों के अनुसार, पेपर लीक विवाद सामने आने के बाद आकांक्षा ने खाना-पीना कम कर दिया था और लगातार तनाव में रहने लगी थी। परिवार उसे समझाने की कोशिश करता रहा, लेकिन वह भीतर ही भीतर टूटती चली गई।


देशभर में आक्रोश

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर पहले से ही देशभर में छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने परीक्षा रद्द कर 21 जून को पुनर्परीक्षा कराने का निर्णय लिया है। इस मामले की जांच विभिन्न एजेंसियों द्वारा की जा रही है और कई गिरफ्तारियां भी हो चुकी हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने भी परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए जिम्मेदारी तय करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।


NEET विवाद: अब तक की प्रमुख बातें

1. परीक्षा रद्द

NEET-UG 2026 की मूल परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बाद निरस्त किया गया।

2. पुनर्परीक्षा की घोषणा

NTA ने 21 जून 2026 को पुनर्परीक्षा कराने का निर्णय लिया है।

3. CBI जांच जारी

पेपर लीक नेटवर्क की जांच केंद्रीय एजेंसियां कर रही हैं और कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

4. सुप्रीम कोर्ट की निगरानी

मामला सर्वोच्च न्यायालय में भी पहुंच चुका है और परीक्षा प्रक्रिया में सुधार की मांग उठ रही है।


विशेषज्ञों की राय

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करना केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ा राष्ट्रीय मुद्दा है। लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों से छात्रों का विश्वास कमजोर होता है और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।


B4News की अपील

प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े छात्रों और अभिभावकों के लिए मानसिक स्वास्थ्य भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितनी परीक्षा की तैयारी। किसी भी प्रकार के तनाव, अवसाद या निराशा की स्थिति में परिवार, मित्रों और विशेषज्ञों से सहायता लेना आवश्यक है।

**आकांक्षा की यह दर्दनाक कहानी केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि उस व्यवस्था पर भी सवाल है जिस पर लाखों युवाओं के सपने टिके होते हैं।**

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