NDPS मामले में दोषसिद्धि के बाद वित्तीय जांच में बड़ा खुलासा, शेवरले क्रूज़ और महिंद्रा थार वाहन किए गए सीज
रायपुर। नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ रायपुर कमिश्नरेट पुलिस द्वारा चलाए जा रहे बहुआयामी अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल हुई है। मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े आरोपी रूपिन्दर सिंह उर्फ पिन्दर उर्फ पाबलो की लगभग 15 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति को भारत सरकार के वित्त मंत्रालय (राजस्व विभाग) के अधीन SAFEMA/NDPS Act के सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक, मुंबई द्वारा फ्रीज (सीज) करने के आदेश की पुष्टि कर दी गई है।

रायपुर पुलिस के अनुसार आरोपी रूपिन्दर सिंह उर्फ पिन्दर उर्फ पाबलो (24 वर्ष), मूल निवासी ग्राम जौरा, तहसील पट्टी, जिला तरणतारण (पंजाब) तथा वर्तमान निवासी वीर सावरकर नगर, हीरापुर, रायपुर के विरुद्ध थाना कबीर नगर में अपराध क्रमांक 190/2025 दर्ज किया गया था। इस मामले में आरोपी पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(बी), 29, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 एवं 27 के तहत कार्रवाई की गई थी।
विशेष एनडीपीएस न्यायालय ने सुनाई सजा
प्रकरण की सुनवाई के बाद विशेष एनडीपीएस न्यायालय रायपुर ने आरोपी को दोषी करार देते हुए एक वर्ष के सश्रम कारावास तथा आर्थिक दंड से दंडित किया। दोषसिद्धि के पश्चात रायपुर पुलिस ने एनडीपीएस अधिनियम के तहत आरोपी की वित्तीय गतिविधियों और संपत्तियों की विस्तृत जांच प्रारंभ की।
वित्तीय जांच में सामने आई करोड़ों के नेटवर्क की कड़ी
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी और उसके परिजनों के नाम पर दर्ज चल एवं अचल संपत्तियों की जानकारी एकत्रित की। उपलब्ध दस्तावेजों, बैंकिंग रिकॉर्ड और आय संबंधी सूचनाओं के विश्लेषण में यह पाया गया कि आरोपी के नाम पर दो लग्जरी वाहन दर्ज हैं, जिनकी कीमत उसकी घोषित आय और उपलब्ध वित्तीय स्रोतों की तुलना में काफी अधिक है।
जांच में आरोपी के नाम पर पंजीकृत निम्नलिखित संपत्तियां सामने आईं—
- शेवरले क्रूज़ कार (CH-01-AK-2424) – अनुमानित कीमत 5 लाख रुपये
- महिंद्रा थार (CH-04-MN-9007) – अनुमानित कीमत 10 लाख रुपये
इन दोनों वाहनों का कुल अनुमानित मूल्य लगभग 15 लाख रुपये है।
अवैध कमाई से संपत्ति अर्जित करने का संदेह
पुलिस जांच में यह आशंका मजबूत हुई कि उक्त संपत्तियों का अर्जन मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार से अर्जित धनराशि के माध्यम से किया गया है। इसके बाद रायपुर पुलिस ने विस्तृत वित्तीय जांच रिपोर्ट, दस्तावेजी साक्ष्य एवं अन्य प्रमाणों के आधार पर प्रकरण SAFEMA/NDPS Act के सक्षम प्राधिकारी, मुंबई को भेजा।
सुनवाई के दौरान आरोपी और उसके परिजनों को नोटिस जारी कर संपत्तियों के वैध स्रोत संबंधी जानकारी प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया। हालांकि निर्धारित समयावधि में वे संतोषजनक दस्तावेज या वैध आय का प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सके।
मुंबई के सक्षम प्राधिकारी ने दी अंतिम मंजूरी
सभी तथ्यों और साक्ष्यों की समीक्षा के बाद SAFEMA/NDPS Act के सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक, मुंबई ने 5 जून 2026 को संपत्तियों को फ्रीज (सीज) करने के आदेश की पुष्टि कर दी।
आदेश के तहत अब उक्त दोनों वाहन बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के न तो बेचे जा सकेंगे, न हस्तांतरित किए जा सकेंगे और न ही किसी अन्य प्रकार से उपयोग किए जा सकेंगे।
स्थायी जब्ती की भी बन सकती है स्थिति
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यदि आरोपी भविष्य में भी इन संपत्तियों के वैध आय स्रोत को प्रमाणित नहीं कर पाता है, तो कानून के तहत आगे की कार्रवाई करते हुए इन संपत्तियों को स्थायी रूप से जब्त कर शासन के पक्ष में समाहित किया जा सकता है।
नशे के खिलाफ रायपुर पुलिस की सख्त रणनीति
रायपुर कमिश्नरेट पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। इस अभियान के तहत न केवल मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों की गिरफ्तारी की जा रही है, बल्कि उनकी आर्थिक कमर तोड़ने के लिए वित्तीय जांच, संपत्ति जब्ती, PIT&NDPS के तहत निरोधात्मक कार्रवाई और ड्रग सप्लाई चेन को ध्वस्त करने के प्रयास भी तेज किए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी, ताकि समाज को नशे के जाल से मुक्त कराया जा सके और अपराधियों को आर्थिक रूप से कमजोर किया जा सके।
