पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग तेज: धरसींवा में सैकड़ों पत्रकारों का पैदल मार्च, डीजीपी और गृह मंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग तेज: धरसींवा में सैकड़ों पत्रकारों का पैदल मार्च, डीजीपी और गृह मंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

धरसींवा | 23 जून 2026

छत्तीसगढ़ में पत्रकारों पर दर्ज हो रहे कथित फर्जी मुकदमों, एफआईआर और प्रताड़ना के खिलाफ अब पत्रकार संगठनों ने खुलकर मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश के सबसे बड़े क्षेत्रीय पत्रकार संगठन छत्तीसगढ़िया पत्रकार महासंघ के नेतृत्व में मंगलवार को धरसींवा में सैकड़ों पत्रकारों ने एकजुट होकर पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग को लेकर विशाल प्रदर्शन किया।

धरसींवा रेस्ट हाउस में आयोजित सभा के बाद पत्रकारों ने पैदल मार्च निकालते हुए धरसींवा थाना पहुंचकर पुलिस महानिदेशक और गृह मंत्री के नाम थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान राजधानी रायपुर सहित विभिन्न तहसीलों और ब्लॉकों से आए ग्रामीण एवं शहरी पत्रकार बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

पत्रकारों पर बढ़ते मामलों को बताया लोकतंत्र के लिए खतरा

सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जिलों से लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें पत्रकारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है और उन्हें कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पत्रकारों का आरोप है कि कई मामलों में पत्रकारों को उनके पेशेगत कार्यों के कारण निशाना बनाया जा रहा है।

महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माने जाने वाले मीडिया पर इस प्रकार की कार्रवाई अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए गंभीर चुनौती है। उन्होंने कहा कि यदि पत्रकार भय के माहौल में कार्य करेंगे तो जनता से जुड़े मुद्दों को सामने लाना कठिन हो जाएगा।

धरसींवा के पत्रकार का मामला बना आंदोलन की वजह

प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों ने विशेष रूप से धरसींवा क्षेत्र के एक पत्रकार का मुद्दा उठाया, जिसे पुलिस ने एक गंभीर आपराधिक मामले में सह-आरोपी बनाकर जेल भेजा है।

महासंघ का दावा है कि संबंधित पत्रकार ने क्षेत्र में एक नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के मामले को उजागर किया था। इसके बाद कुछ पक्षों के बयानों के आधार पर पुलिस ने उसे भी आरोपी बना दिया। संगठन ने इस कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और पत्रकार के खिलाफ दर्ज प्रकरण को निरस्त करने की मांग की।

पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग

सभा में उपस्थित पत्रकारों ने एक स्वर में कहा कि पत्रकारों के खिलाफ कथित साजिशन कार्रवाई और दबाव की घटनाओं को रोकने के लिए राज्य में अलग से पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किया जाना चाहिए।

ज्ञापन में मांग की गई कि पत्रकारों के खिलाफ किसी भी आपराधिक प्रकरण में कार्रवाई से पहले निष्पक्ष जांच की व्यवस्था हो तथा पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्र कार्य वातावरण सुनिश्चित किया जाए। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

बड़ी संख्या में पत्रकार रहे मौजूद

कार्यक्रम में महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्ररथ गर्व, उपाध्यक्ष पुनीत सोनकर, अब्दुल शमीम, सुधीर तंबोली आजाद, प्रेम सोनी, राजू वर्मा, तुकेश्वर टिक्कू लोधी, लोमश देवांगन, उस्मान सैफी सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए सैकड़ों पत्रकार उपस्थित रहे।

निष्कर्ष

धरसींवा में पत्रकारों द्वारा किया गया यह प्रदर्शन केवल एक व्यक्ति के मामले तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पत्रकारों की सुरक्षा, स्वतंत्रता और अधिकारों से जुड़े व्यापक मुद्दे के रूप में सामने आया। अब निगाहें राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं कि पत्रकार सुरक्षा कानून और ज्ञापन में उठाई गई मांगों पर क्या कदम उठाए जाते हैं।

B4News Desk | धरसींवा, रायपुर

About The Author

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *