रायपुर, 23 जुलाई 2026 | B4News | Fact First
छत्तीसगढ़ में हर घर नल-जल जीवन मिशन को तेज गति से पूरा करने के लिए राज्य सरकार ने सभी जिला प्रशासन को मिशन मोड में काम करने के निर्देश दिए हैं। गुरुवार को मंत्रालय महानदी भवन से आयोजित राज्य स्तरीय कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में मुख्य सचिव श्री विकासशील ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टरों के साथ जल जीवन मिशन की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।

मुख्य सचिव ने कहा कि हर परिवार तक सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में किसी भी परिवार को पेयजल सुविधा से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा और सभी लंबित कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाएं।
हर घर तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाना सरकार का लक्ष्य
बैठक में मुख्य सचिव ने बताया कि जल जीवन मिशन की शुरुआत वर्ष 2019 में भारत सरकार द्वारा प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। उन्होंने कहा कि इस मिशन के सफल क्रियान्वयन से महिलाओं का समय बचेगा, जलजनित बीमारियों में कमी आएगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को भी बढ़ावा मिलेगा।
31 अगस्त तक होगा सभी पूर्ण कार्यों का भौतिक सत्यापन
मुख्य सचिव ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए कि जिन योजनाओं का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और जिन्हें हस्तांतरित किया जा चुका है, उनका 31 अगस्त 2026 तक शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन कर भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
साथ ही जिन परियोजनाओं का कार्य अभी अधूरा है, उन्हें 31 दिसंबर 2026 तक हर हाल में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और कार्य में ढिलाई बरतने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए।
ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी पर जोर
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रत्येक जिले में मिशन मोड में स्पष्ट कार्ययोजना बनाई जाए तथा ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए। उन्होंने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए कि वे प्रत्येक माह जल जीवन मिशन की प्रगति की नियमित समीक्षा करें।
जल स्रोत संरक्षण और रिचार्ज पर विशेष फोकस
बैठक में जल स्रोतों की दीर्घकालिक उपलब्धता पर भी विशेष चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जिला अपने क्षेत्र के जल स्रोतों का वैज्ञानिक आकलन करे, नए जल स्रोतों की पहचान करे तथा जल संरक्षण एवं रिचार्ज की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करे।
उन्होंने कहा कि जहां वर्तमान स्रोत से पेयजल उपलब्ध कराना संभव नहीं है, वहां वैकल्पिक स्रोत विकसित कर शीघ्र कार्यवाही की जाए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट उत्पन्न न हो।
विभिन्न फंडों से होगी वित्तीय व्यवस्था
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य बाधित न हो, इसके लिए रनिंग बिलों का समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही आवश्यक वित्तीय संसाधनों की पूर्ति के लिए डीएमएफ, सांसद निधि, विधायक निधि, सीएसआर तथा अन्य उपलब्ध स्रोतों का प्रभावी उपयोग किया जाए।
सोलर आधारित योजनाओं की भी हुई समीक्षा
बैठक में सोलर आधारित नल-जल योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को योजना-वार स्वीकृत राशि और व्यय का विस्तृत विश्लेषण कर वित्तीय मिलान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
नियमित मॉनिटरिंग और मासिक बैठक के निर्देश
मुख्य सचिव ने सभी जिलों को गांवों को इकाई मानकर शत-प्रतिशत हर घर नल जल कवरेज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला जल एवं स्वच्छता समिति की नियमित मासिक बैठक आयोजित करने, उसकी कार्यवाही विभागीय पोर्टल पर समय पर अपलोड करने तथा जल जीवन मिशन की सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि बेहतर योजना, स्पष्ट आकलन और प्रभावी समन्वय के माध्यम से ही राज्य के प्रत्येक परिवार तक समयबद्ध रूप से नल से स्वच्छ पेयजल पहुंचाया जा सकता है।
बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, सभी जिलों के कलेक्टर एवं विभागीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।

B4News Fact File
- बैठक: राज्य स्तरीय कलेक्टर कॉन्फ्रेंस
- अध्यक्षता: मुख्य सचिव श्री विकासशील
- मुख्य लक्ष्य: हर परिवार तक सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल
- 31 अगस्त 2026: पूर्ण योजनाओं का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन
- 31 दिसंबर 2026: सभी अधूरी योजनाएं पूर्ण करने का लक्ष्य
- विशेष निर्देश: जल स्रोत संरक्षण, रिचार्ज व्यवस्था, वैकल्पिक स्रोतों की पहचान और नियमित मॉनिटरिंग

