जमरुआ में फूटा ग्रामीणों का गुस्सा; BSP की अवैध डंपिंग के खिलाफ चक्काजाम, प्रशासन नदारद

जमरुआ में फूटा ग्रामीणों का गुस्सा; BSP की अवैध डंपिंग के खिलाफ चक्काजाम, प्रशासन नदारद

दल्लीराजहरा/बालोद | B4News वेब डेस्क

छत्तीसगढ़ के क्षेत्र के जमरुआ गांव में सोमवार को उस समय हालात तनावपूर्ण हो गए, जब सैकड़ों ग्रामीणों ने कथित अवैध खनिज डंपिंग के विरोध में सड़क पर उतरकर चक्काजाम कर दिया। इस प्रदर्शन के चलते प्रमुख मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया और यातायात ठप पड़ गया।


क्या है पूरा मामला?

ग्रामीणों का आरोप है कि (BSP) द्वारा इलाके में अवैध रूप से खनिज डंपिंग की जा रही है। इससे न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि गांव की खेती और आम जनजीवन भी प्रभावित हो रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने पहले भी कई बार प्रशासन से शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिसके चलते उन्हें सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा।


चक्काजाम से ठप हुआ यातायात

प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने मुख्य सड़क को जाम कर दिया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

स्थिति को देखते हुए मौके पर तनाव का माहौल बना रहा, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर कोई वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर नहीं पहुंचा।


प्रशासन की गैरमौजूदगी से बढ़ा आक्रोश

इतने बड़े विरोध प्रदर्शन के बावजूद जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी—कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, एसडीएम या तहसीलदार—में से कोई भी मौके पर नहीं पहुंचा।

ग्रामीणों ने इसे प्रशासन की लापरवाही और बेरुखी करार दिया, जिससे उनका आक्रोश और अधिक बढ़ गया।


राजनीतिक दलों का समर्थन

इस दौरान के नेता भी मौके पर पहुंचे।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष , प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने ग्रामीणों के समर्थन में प्रदर्शन में भाग लिया और प्रशासन के खिलाफ आवाज उठाई।


गर्मी में बिगड़ी लोगों की तबीयत

चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी के बीच लंबे समय तक सड़क पर बैठे रहने के कारण कई ग्रामीणों की तबीयत बिगड़ गई। कुछ लोगों को चक्कर और कमजोरी की शिकायत के चलते प्राथमिक उपचार देना पड़ा।


ग्रामीणों की चेतावनी

प्रदर्शन कर रहे लोगों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक अवैध डंपिंग पूरी तरह बंद नहीं की जाती और जिम्मेदार अधिकारी मौके पर आकर ठोस आश्वासन नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।


फिलहाल स्थिति

फिलहाल क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन कब हस्तक्षेप करता है और इस मुद्दे का समाधान कैसे निकाला जाता है।


(अपडेट जारी…)

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