रायपुर में 72 घंटे के भीतर दबोचा गया देशभर के लग्जरी होटलों को निशाना बनाने वाला अंतरराज्यीय ठग, खुद को बताता था विदेशी गाइड और योगा टीचर
रायपुर। अगर किसी होटल में कोई बुजुर्ग, फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने वाला शख्स खुद को विदेशी टूरिस्ट गाइड, इंग्लिश टीचर या योगा एक्सपर्ट बताकर ठहरे, तो अब होटल प्रबंधन एक बार जरूर सतर्क हो जाएगा। वजह है 69 वर्षीय बिंगसन जॉन, जिसने पिछले तीन दशकों में देशभर के 300 से अधिक फाइव स्टार होटलों को अपना निशाना बनाया और करोड़ों रुपये की ठगी व चोरी जैसी वारदातों को अंजाम दिया।
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और तेलीबांधा थाना पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर इस अंतरराज्यीय आरोपी को ओडिशा के भुवनेश्वर से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से होटल का लैपटॉप भी बरामद कर लिया गया है।


हयात होटल में ठहरा, लाखों की सुविधाएं लीं… फिर बिना बिल चुकाए हो गया फरार
मामला रायपुर के तेलीबांधा स्थित हयात होटल का है। पुलिस के अनुसार 25 जून 2026 को बिंगसन जॉन होटल में ठहरा था। दो दिन तक होटल की महंगी सुविधाओं का आनंद लेने के बाद 27 जून की सुबह वह बिना चेक-आउट प्रक्रिया पूरी किए चुपचाप निकल गया।
आरोप है कि उसने होटल का 63,755 रुपये का बिल नहीं चुकाया और होटल द्वारा विशेष अनुरोध पर उपलब्ध कराया गया लगभग 1.48 लाख रुपये कीमत का लैपटॉप भी अपने साथ ले गया। बाद में उसके मोबाइल फोन बंद मिले और होटल से किसी प्रकार का संपर्क नहीं किया गया।
होटल प्रबंधन की शिकायत पर तेलीबांधा थाने में बीएनएस की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया।
मोबाइल और दस्तावेजों की जांच से मिला सुराग, भुवनेश्वर से गिरफ्तारी
पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) और पुलिस उपायुक्त (मध्य जोन) के निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा तेलीबांधा पुलिस ने आरोपी के दस्तावेजों और मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण किया।
लोकेशन ओडिशा के भुवनेश्वर में मिलने के बाद पुलिस टीम तत्काल रवाना हुई और वहां से आरोपी को गिरफ्तार कर रायपुर लाई।
‘चार्ल्स शोभराज’ से था प्रभावित, खुद को बताता था विदेशी गाइड
पूछताछ में आरोपी ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए।
उसने बताया कि वह कुख्यात ठग से प्रभावित था। इसी वजह से उसने लोगों का विश्वास जीतने के लिए खुद को कभी विदेशी ट्रैवल गाइड, कभी इंग्लिश टीचर तो कभी योगा टीचर बताना शुरू किया।
फर्राटेदार अंग्रेजी और आत्मविश्वास से वह होटल कर्मचारियों का भरोसा जीत लेता था। इसके बाद होटल की महंगी सुविधाओं का इस्तेमाल करता, कभी-कभी होटल के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी साथ ले जाता और बिना भुगतान किए फरार हो जाता।
30 साल… 300 से ज्यादा होटल… और 15 साल जेल में
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि—
- वर्ष 1990 से वह लगातार देशभर के महंगे होटलों को निशाना बना रहा था।
- अब तक 300 से अधिक होटलों में इसी तरह की वारदात करने की बात स्वीकार की है।
- 10 से अधिक राज्यों में उसके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं।
- लगभग 15 वर्ष विभिन्न राज्यों की जेलों में बिता चुका है।
- 1996 में पहली बार तिहाड़ जेल गया था।
- जेल से छूटते ही अगला निशाना कोई नया फाइव स्टार होटल होता था।
सिर्फ फाइव स्टार होटल ही क्यों?
पुलिस के मुताबिक आरोपी सामान्य होटलों में नहीं ठहरता था।
उसकी पूरी रणनीति लग्जरी होटलों पर आधारित थी, क्योंकि वहां पहचान की जांच अपेक्षाकृत औपचारिक होती है, महंगी सुविधाएं उपलब्ध रहती हैं और विश्वास का माहौल बनाना आसान होता है। इसी का फायदा उठाकर वह होटल के संसाधनों का इस्तेमाल करता और मौका मिलते ही बिना बिल चुकाए निकल जाता।
लैपटॉप बरामद, आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से होटल का एक लैपटॉप बरामद कर लिया है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान 69 वर्षीय बिंगसन जॉन, निवासी तूतीकोरिन (तमिलनाडु) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

B4News Analysis
यह मामला केवल एक होटल से धोखाधड़ी का नहीं, बल्कि देशभर के लग्जरी होटलों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है। तीन दशक तक एक ही तरीके से सैकड़ों होटलों को निशाना बनाना बताता है कि हाई-प्रोफाइल होटलों में भी पहचान सत्यापन और जोखिम मूल्यांकन की प्रक्रिया को और मजबूत करने की जरूरत है।
रायपुर पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 72 घंटे में आरोपी को गिरफ्तार कर महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। हालांकि, आरोपी द्वारा 300 से अधिक होटलों में वारदात करने का दावा पुलिस पूछताछ पर आधारित है और विभिन्न राज्यों के मामलों के आधार पर इसकी विस्तृत जांच आगे की प्रक्रिया में स्पष्ट होगी।
— B4News
