फर्जी केंद्रीय अधिकारी बनकर करोड़ों की पहुंच का दावा, नौकरी और ट्रांसफर के नाम पर लाखों की ठगी; रायपुर पुलिस ने आरोपी को दबोचा

फर्जी केंद्रीय अधिकारी बनकर करोड़ों की पहुंच का दावा, नौकरी और ट्रांसफर के नाम पर लाखों की ठगी; रायपुर पुलिस ने आरोपी को दबोचा

रायपुर | B4News

रायपुर पुलिस ने एक ऐसे शातिर ठग को गिरफ्तार किया है, जो खुद को भारत सरकार का वरिष्ठ अधिकारी बताकर लोगों को सरकारी नौकरी, ट्रांसफर और पोस्टिंग दिलाने का झांसा देता था। आरोपी अलग-अलग मंत्रालयों के फर्जी पहचान पत्र, एडिटेड तस्वीरों और सरकारी रसूख का दावा कर लोगों का विश्वास जीतता था। पुलिस ने उसके कब्जे से फर्जी आईडी कार्ड, दस्तावेज, लैपटॉप, मोबाइल फोन, कई सिम कार्ड, नकदी और “भारत सरकार” अंकित कार जब्त की है।

ट्रेन में हुई मुलाकात, फिर शुरू हुआ ठगी का खेल

पुलिस के अनुसार, प्रार्थी गुरु नारायण की लगभग दो वर्ष पहले ट्रेन में रजनीश कुमार राय से मुलाकात हुई थी। बातचीत के दौरान आरोपी ने खुद को भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में सहायक आयुक्त बताया और दावा किया कि उसकी केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में ऊंची पहुंच है।

आरोपी ने सरकारी नौकरी दिलाने, मनचाही जगह ट्रांसफर कराने और पोस्टिंग करवाने का भरोसा दिलाते हुए प्रार्थी से करीब 5 लाख रुपये की मांग की। इस दौरान उसने अलग-अलग विभागों के संदिग्ध पहचान पत्र और अपनी एडिटेड तस्वीरें भी दिखाईं, जिससे वह लोगों को विश्वास में लेता था।

बाद में प्रार्थी को उसके दस्तावेजों और गतिविधियों पर संदेह हुआ, जिसके बाद उसने थाना सिविल लाइन में शिकायत दर्ज कराई।

सिविल लाइन थाने में दर्ज हुआ मामला

शिकायत के आधार पर थाना सिविल लाइन में अपराध क्रमांक 376/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2), 319(2), 336(3) एवं 340 के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर/मध्य जोन) श्री स्मृतिक राजनाला ने आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए।

एंटी क्राइम और साइबर यूनिट की संयुक्त कार्रवाई

वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, थाना सिविल लाइन तथा थाना तेलीबांधा की संयुक्त टीम गठित की गई। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिरों से मिली जानकारी और अन्य इनपुट के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू की।

लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने आरोपी रजनीश कुमार राय उर्फ छोटू राय को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में खुलासा

पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि वह खुद को भारत सरकार का सहायक आयुक्त बताकर फर्जी पहचान पत्रों का इस्तेमाल करता था। वह लोगों के बीच अपनी प्रभावशाली छवि बनाने के लिए एडिटेड फोटो दिखाता और दावा करता था कि उसके माध्यम से सरकारी नौकरी, ट्रांसफर, पोस्टिंग तथा अन्य सरकारी कार्य आसानी से कराए जा सकते हैं।

इसी झांसे में लेकर उसने कई लोगों से लाखों रुपये की ठगी की।

छत्तीसगढ़ और बिहार के लोगों को बनाया शिकार

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि बिहार के भी कई लोगों को अपना शिकार बनाया। नौकरी दिलाने और सरकारी पदों पर नियुक्ति कराने के नाम पर उसने लाखों रुपये वसूले।

आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि ठगी से प्राप्त रकम से उसने महंगे मोबाइल फोन, लैपटॉप सहित अन्य सामान खरीदा। पुलिस के अनुसार उसे महंगी शॉपिंग का भी शौक था।

पुलिस ने क्या-क्या किया जब्त

आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने उसके कब्जे से निम्नलिखित सामान जब्त किया—

  • फर्जी केंद्रीय अधिकारी के पहचान पत्र
  • विभिन्न फर्जी दस्तावेज
  • लैपटॉप
  • मोबाइल फोन
  • तीन सक्रिय सिम कार्ड
  • फर्जी सिम कार्ड
  • क्रेडिट कार्ड से संबंधित दस्तावेज
  • नकद राशि
  • घटना में प्रयुक्त कार, जिस पर “भारत सरकार” अंकित था

इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की होगी फोरेंसिक जांच

पुलिस ने आरोपी को रिमांड पर लेकर उसके कब्जे से बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का मानना है कि जांच के दौरान कई अन्य पीड़ितों और संभावित सहयोगियों की जानकारी सामने आ सकती है।

गिरफ्तार आरोपी

नाम: रजनीश कुमार राय उर्फ छोटू राय
पिता: राम निवास राय
उम्र: 29 वर्ष
स्थायी पता: राजपुर नौरंग रायकेडेरा, थाना सिमरी, जिला बक्सर (बिहार)
वर्तमान पता: मारुति सेवन वंडर सिटी, मकान नंबर 285/286, अमलेश्वर, जिला दुर्ग (छत्तीसगढ़)

B4News की अपील

यदि किसी व्यक्ति से सरकारी नौकरी, ट्रांसफर, पोस्टिंग या किसी सरकारी कार्य के नाम पर पैसे की मांग की जाती है, तो बिना आधिकारिक सत्यापन के किसी भी व्यक्ति पर भरोसा न करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाना या साइबर हेल्पलाइन पर दें। रायपुर पुलिस की जांच जारी है और संभावना है कि इस मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

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